रांंची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी के केंद्रीय अधिवेशन में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की संपदाओं का दोहन अब स्वीकार्य नहीं है। सोरेन ने कहा कि झामुमो एक सामाजिक बदलाव की लहर के रूप में उभरा है और यह सरकार हाशिए पर खड़े तबकों की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े, आदिवासी और वंचित तबकों ने मिलकर 2019 में भाजपा की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन ने की। हेमंत सोरेन ने कहा कि पार्टी ने लंबा संघर्ष कर यह स्थिति हासिल की है और अब उसका उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र में सार्थक परिवर्तन लाना है। सम्मेलन में झामुमो के विस्तार की योजना सामने रखी गई, जिसमें असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही गई। झामुमो ने जनजातीय समाज के जल, जंगल और जमीन पर अधिकार की जोरदार वकालत की। साथ ही भूमि वापसी कानून और स्थायी पट्टा देने की मांग दोहराई। पार्टी ने परिसीमन के जरिए प्रतिनिधित्व कम करने की कोशिशों का विरोध करने का भी संकल्प लिया।




