रांची : झारखंड पुलिस महकमे में इन दिनों पदोन्नति के बावजूद पदस्थापना नहीं होने को लेकर आक्रोश और असंतोष का माहौल गहराता जा रहा है। राज्य में 64 इंस्पेक्टरों को डीएसपी पद पर प्रोन्नति दिए हुए सात महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इन अधिकारियों की पदस्थापना नहीं हो सकी है। इस प्रशासनिक देरी का सीधा असर संबंधित अधिकारियों के करियर और मनोबल पर पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि पदोन्नति पाने वाले दो अधिकारी डीएसपी पद का लाभ लिए बिना ही इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं शनिवार 31 जनवरी को चार और अधिकारी भी रिटायर होने वाले हैं, जिनके सामने भी वही स्थिति बनी हुई है। लंबे समय तक पदस्थापना लंबित रहने से अधिकारियों में निराशा और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस मामले को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि पदोन्नति के बाद समय पर पदस्थापना न होना अधिकारियों के साथ अन्याय के समान है। उनका यह भी कहना है कि इससे पुलिस बल का मनोबल प्रभावित होता है और कार्य क्षमता पर भी असर पड़ता है।
हालांकि, गृह सचिव ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की पदस्थापना सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। बावजूद इसके पुलिस महकमे में स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अधिकारी और पुलिस संगठन अब सरकार से जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि पदोन्नति प्रक्रिया का वास्तविक लाभ संबंधित अधिकारियों को मिल सके और विभाग में व्याप्त असंतोष खत्म हो सके।




