
जमशेदपुर के बारीडीह स्थित डेफोडिल्स हाई स्कूल में वार्षिक 2024 का रिजल्ट के साथ ही विद्यालय में एक नई परम्परा की शुरुआत हुई जो वहां के बच्चे तो उत्साहित है ही, अभिभावकों में भी खुशी की लहर है । यह परंपरा प्रोत्साहन राशि के साथ आरंभ हुई जो आने वाले समय में एक परंपरा का रूप धारण करने वाली है, आपको बता दे की यह स्कूल गरीब परिवार के बच्चो को काफी कम शुल्क में शिक्षा प्रदान करती है, जिनके माता पिता दिहाड़ी या छोटी मोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते है। एसे स्कूल में जब बच्चो के बीच कुल 48 हजार रुपए का प्रोत्साहन राशि बंटे तो एक नई परंपरा के रूप में ही देखा जा सकता है, लेकिन इस परंपरा की शुरुआत करने का श्रेय पूरी तरह से उसी स्कूल के एक शिक्षक को जाता है। जिनका नाम दयानंद सिंह है उनका पुत्र विभू चौहान अमेरिका मे कार्यरत है। उसने पिता की सोच से प्रेरित होकर कुल 48 हजार की राशि स्कूली बच्चो के बीच बांटने का निर्णय लिया। इसी के तहत डिफोडिल्स हाई स्कूल बारीडीह के कक्षा 7 से 10 वीं में प्रथम द्वितीय और तृतीय आए 12 बच्चो के बीच दानकर्ता विभू चौहान के द्वारा दिए गए 48 हजार रुपिए को अपने शिक्षक पिता एवम माता श्रीमती आशा सिंह के हाथो से छात्र छात्राओं की उज्वल भविष्य की कामना करते हुए निर्गत राशि का वितरण किया।इस मौके पर दयानंद सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा की पुत्र की अभिलाषा यही है कि बच्चों में प्रतिस्पर्धा बनी रहे और इस पुरस्कार के बल पर वे जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहे। विद्यालय के प्राचार्य मिथिलेश प्रसाद श्रीवास्तव ने विभू चौहान की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीभू चौहान ने बच्चों को पुरस्कार देकर बच्चों के एवं उनके अभिभावको के चेहरे पर जो प्रसन्नता ,जो खुशी दी है उसे शब्दों में व्याख्या नहीं की जा सकती।




