Saraikela (संजीव मेहता) : सरायकेला समाहरणालय सभागार में डीसी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई. बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, धान अधिप्राप्ति एवं भुगतान, चावल दिवस, सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-केवाईसी तथा विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई.
डीसी नितिश कुमार सिंह ने कहा कि विभागीय योजनाओं का मूल उद्देश्य पात्र लाभुकों को समय पर लाभ पहुँचाना, किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना तथा संपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है. उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं के संचालन में लाभुकों की सुविधा एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए. बैठक में डीसी द्वारा विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा कर निर्देश दिए जिनमें
* सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जाए.
* पीडीएस डीलरों द्वारा राशन वितरण में प्राप्त शिकायतों की त्वरित स्थलीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
* सभी राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी पूर्ण कराते हुए आधार एवं मोबाइल नंबर का सिडिंग कार्य अनिवार्य रूप से किया जाए.
* सत्यापन उपरांत अपात्र कार्डधारियों का नाम विलोपित कर केवल वास्तविक लाभुकों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए.

* किसानों को धान विक्रय का भुगतान समयबद्ध रूप से किया जाए तथा धान अधिप्राप्ति की द्वितीय किस्त का भुगतान सभी किसानों को अवश्य सुनिश्चित किया जाए.
* लाभुकों की सुविधा के लिए डीलर टैगिंग एवं री-टैगिंग की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए.
* कम प्रतिशत में राशन वितरण करने वाले डीलरों को शॉकोज जारी कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए.
* सभी पात्र लाभुकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़कर कार्ड वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए.
* सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना अंतर्गत निर्धारित सामग्रियों का समयबद्ध एवं पारदर्शी वितरण किया जाए.
* सभी गोदाम प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि बोरियों का मानक अनुरूप एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करें, ताकि गिनती एवं निगरानी सुचारु रूप से हो.
* जिन डीलरों द्वारा 70% से कम ई-केवाईसी कराया गया है, उन्हें एक सप्ताह की अवधि में सुधार करने का अवसर दिया जाए, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
* जिन धान अधिप्राप्ति गोदामों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उन्हें शीघ्र हस्तांतरित करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए.
* सितंबर माह के राशन वितरण में अपेक्षित प्रगति हेतु जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए तथा तकनीकी बाधाओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए.






