
रांची: झारखंड की सियासत के कमान संभाले मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को सभी विधायकों को एक साथ बटोरे रखना कांटो भरा ताज से कम नहीं है। जहां विपक्ष हर पल अपनी ताक लगाए बैठा है ।वही इसी बीच कांग्रेस विधायकों के भीतर हलचल और नाराजगी के हर गतिविधियों पर विपक्ष पहली नजर रख रहा है।
नई गठबंधन की सरकार के शपथ लेने का न्योता मिलने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल पैदा हो गई है। कांग्रेस के वैसे विधायक जो हेमंत सोरेन की सरकार में मंत्री नहीं बन पाए थे। उन्होंने खुलकर अपनी बात डॉ इरफान अंसारी रखी। उन्होंने हैदराबाद जाने की मुद्दे पर भी आनाकानी की, परंतु कांग्रेस प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर के जाकर सर्किट हाउस में समझाने के बाद जाने की बातें सूत्रों के अनुसार बताया गया। वहीं भाजपा भी अपने सारे बीजेपी विधायकों को 6 फरवरी तक रांची नहीं छोड़ने की निर्देश दिए गए हैं। पक्ष विपक्ष सभी एक दूसरे की क्रियाकलाप और गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं ।यह वहीं पूरे जनमानस में कई तरह के चर्चाएं चल रही है। देखना अब यह है कि आने वाला वक्त झारखंड मे कौन-कौन सा खेल खेलाता हैं।




