रांची : UIDAI ने आधार विवरण सुधारने के नियमों में बड़ा पुनर्गठन किया है, जिससे उन सभी लोगों पर असर पड़ेगा जो पहचान से जुड़ी सेवाओं के लिए इस दस्तावेज़ का उपयोग करते हैं। बैंकिंग, यात्रा दस्तावेज़, मोबाइल कनेक्शन, शिक्षा से जुड़े कार्य और विभिन्न योजनाओं में इसकी अनिवार्यता के कारण नई प्रक्रिया का महत्व और बढ़ गया है। ताज़ा दिशानिर्देशों के अनुसार केवल चुनिंदा प्रमाण ही स्वीकार किए जाएंगे, और गलत काग़ज़ लेकर जाने पर संशोधन ठप हो सकता है।
निवास से जुड़ी जानकारी बदलने के लिए केवल दो प्रकार के प्रमाण पर्याप्त होंगे—
* बैंक द्वारा जारी पासबुक या हाल का स्टेटमेंट
* बिजली/पानी का बिल जो तीन महीनों से अधिक पुराना न हो
नाम में परिवर्तन के लिए जो पहचान आधारित काग़ज़ मान्य होंगे, उनमें शामिल हैं—
* जन्म संबंधी प्रमाण–पत्र
* पासपोर्ट
* मतदाता पहचान–पत्र
* पैन कार्ड
* किसी सरकारी संस्था का अधिकृत पहचान–पत्र

जन्म–तिथि में सुधार के नियम अधिक कठोर बना दिए गए हैं। इसके लिए—
* जन्म का आधिकारिक रिकॉर्ड
* पासपोर्ट
* दसवीं/बारहवीं का शैक्षणिक प्रमाण–पत्र
* पैन कार्ड
* कोई भी सरकारी दस्तावेज़ जिसमें जन्म–तिथि स्पष्ट हो
सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि यदि किसी एक प्रमाण–पत्र में नाम, निवास और जन्म–तिथि तीनों दर्ज हों, तो उसी एक काग़ज़ के आधार पर सभी अपडेट पूरे हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर पासपोर्ट इस आवश्यकता को पूरा करता है, जिससे पूरी प्रक्रिया ज्यादा सरल बन जाती है।






