दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यह बदलाव अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन प्रक्रिया के दौरान सामना की गई तकनीकी समस्याओं के मद्देनज़र किए गए हैं।आयोग ने हाल ही में परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी तक बढ़ा दी थी। इस बदलाव के साथ, अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में आसानी होगी।यूपीएससी ने एक आधिकारिक नोटिस में कहा है कि ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए एक बार के पंजीकरण में कुछ प्रविष्टियों को ‘संपादन योग्य’ बना दिया गया है। इसका मतलब है कि अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र में कुछ विवरणों में बदलाव कर सकते हैं।
हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को ओटीआर में ‘नाम (दसवीं कक्षा के अनुसार)’, ‘जन्म तिथि’, ‘पिता का नाम’, ‘माता का नाम’, ‘मोबाइल नंबर’ और ‘ईमेल आईडी’ से संबंधित कॉलम में कोई भी बदलाव करने की अनुमति नहीं है।
यदि किसी अभ्यर्थी ने अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर बदल दिया है, लेकिन उसके पास पंजीकृत ईमेल आईडी है, तो वह मोबाइल नंबर में बदलाव के लिए आवेदन कर सकता है। इस मामले में, पंजीकृत ईमेल आईडी पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
यूपीएससी द्वारा प्रतिवर्ष तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन किया जाता है।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 और भारतीय वन सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि भी हाल में 18 फरवरी, 2025 (शाम छह बजे तक) तक बढ़ा दी गई थी। इससे पहले, परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 फरवरी थी।
आयोग के नोटिस के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी का नाम बदल गया है और उसके मैट्रिक या उच्च शैक्षणिक प्रमाण पत्र में दिए गए नाम से कोई मेल नहीं खाता है, तो अभ्यर्थी को इस आशय का राजपत्र अधिसूचना प्रस्तुत करना आवश्यक है।
यूपीएससी ने कहा है कि एकीकृत मास्टर डिग्री (स्नातक और स्नातकोत्तर) वाले अभ्यर्थी अपने स्नातक और उच्च योग्यता वाले कॉलम में समान पाठ्यक्रम भर सकते हैं।
आवेदन पत्र जमा करने के बाद, अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र में कोई भी बदलाव/सुधार केवल एक सप्ताह की अवधि के दौरान ही कर सकते हैं। आवेदन विंडो बंद होने के अगले दिन से सात दिन की समाप्ति तक’’ यानी 19 से 25 फरवरी तक आवेदकों के लिए सुधार के लिए विंडो खोली जायगी.सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 25 मई को आयोजित की जाएगी.




