
जमशेदपुर: जमशेदपुर के साकची स्थित शताब्दी टावर में न्यायालय का आदेश पर जेएनएसी के द्वारा बेसमेंट की दुकानों को तोड़े जाने का दुकानदार और ओनर ने कार्रवाई पर विरोध जताया है।ओनर विशाल का कहना है कि बेसमेंट को लेकर न्यायालय के द्वारा 2011 में आदेश पारित किया था।जबकि उनकी बिल्डिंग 2003 से है और बाकायदा बेसमेंट में दुकान का रजिस्ट्रेशन और अनुमति भी सरकार के द्वारा दी गई है। जिसके लिए सरकार की ओर से शुल्क भी लिया गया था।ऐसे में जेएनएसी और प्रशासन को कागजात दिखाने के बावजूद बेसमेंट की दुकानों को तोड़ा जा रहा है।ऐसे में पूरा नुकसान बिल्डिंग के ऑनर और दुकानदारों को हो रहा है। जो करोड़ों का नुकसान है।
इनका यह भी कहना था कि यह कार्रवाई पार्किंग को लेकर की जा रही है। जबकि बेसमेंट में उनकी पार्किंग भी है।सामने और पीछे कई वर्ग फीट में इनका अपना पार्किंग व्यवस्था है।ऐसे में बिना जांच किए जेनेसिस के द्वारा यह कार्रवाई करना न्याय उचित नहीं है।




