जमशेदपुर : एक और जहां केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थ की कम खपत करने के लिए देशवासियों से आह्वान कर रखी है वहीं जमशेदपुर में पेट्रोल कंपनी और संचालक के द्वारा नियम का अवहेलना कर पेट्रोल डीजल के खपत को बढ़ा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला का खुलासा हमारे चैनल ने किया है.
इसका खुलासा तब हुआ जब गुप्त सूचना के आधार पर मिली तस्वीर और जानकारी के अनुसार जमशेदपुर के स्टेशन क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप के पार्टनरों के बीच हुए विवाद के बाद इंडियन ऑल कंपनी ने 2025 में उन्हें हॉलीडे स्कीम के तहत 2 साल के लिए संचालन से निष्क्रिय किया गया और जनवरी माह से कंपनी ने टेकओवर करते हुए मानगो ट्रांसपोर्ट नगर स्थित पेट्रोल पंप जिसका संचालन मोलान नामक संचालक को सौंप है जिनके द्वारा दोनों पेट्रोल पंप पर संचालन किया जाता है. इसी बीच पिछले दिनों पूरे भारत में पेट्रोलियम पदार्थ की किल्ल्त होने के बाद प्रधानमंत्री ने पूरे देशवासियों से पेट्रोलियम पदार्थ की खपत को कम करने का आग्रह किया है।

जिसमें खास कर पेट्रोल और डीजल पर ज्यादा जोर दिया गया था, इसे लेकर कुछ दिनों तक पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लंबी कतारे भी देखी गई, वहीं भविष्य में इस तरह की समस्या उत्पन्न हो इसके लिए प्रधानमंत्री ने एक निर्देश जारी की थी जिसमें कहा गया की छोटे गाड़ियों में 300 से ज्यादा और बड़े वाहनों में 2000 रूपये या 200 लीटर से ज्यादा पेट्रोल व डीजल नहीं दी जाएगी. यही निर्देश इस संचालक को एक्स्ट्रा कमाने एवं कालाबाज़ारी करने का अवसर पैदा कर गई. इनके द्वारा देऱ रात 2:00 बजे से सवेरे 4:00 बजे के बीच छोटे टैंकरों में फूल टैंकी यानी 200 की जगह 2000 लीटर डीजल और पेट्रोल भरने का कार्य करने लगे.
संचालक द्वारा इस गैर कानूनी कार्य को लेकर इसकी जानकारी इंडिया ऑयल लिमिटेड कि सेल्स मैनेजर आदित्य हृदय को भी दी गई और यह आशा व्यक्त की गई थी कि उनके द्वारा इस गोरख धंधे को रोका जाएगा लेकिन यह रुकने के बजाय और ज्यादा हो गई इससे यह स्पष्ट हुआ कि संचालक ने ऑल इंडिया कंपनी के अधिकारी से मिली भगत कर इस गोरख धंधे को किया जा रहा है और यह पेट्रोल व डीजल शहर और आसपास के छोटे फैक्ट्रीयों एवं छोटे उद्योगों तक पहुंचा कर मोटी रकम कमा रहे हैं. जो कम्पनी के अधिकारियो के द्वारा इस कालाबाज़ारी को बढ़ावा देने मे अहम् भूमिका माना जा रहा है.






