जमशेदपुर : बैंक पदाधिकारी के अलावे विशिष्ट वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी पटमदा के द्वारा ई बैंकिंग पर विस्तार से चर्चा किया गया। जिसमें इन्होंने सर्वप्रथम भारतीय रिजर्व बैंक आफ इंडिया की उत्पत्ति किस प्रकार हुई इस पर प्रकाश डालें प्राचीन काल से बचत की महत्व पर प्रकाश डालें और घर की बैंकिंग अर्थात घर की बचत बैंक का स्थापना के बाद बैंकों तक कैसे पहुंचे इस पर भी प्रकाश डालें साथी प्राचीन काल में लोग मटके के अंडे में जो पैसा रखते थे वर्तमान समय में वह बैंकों में परिणत हो गया है घर की भेदी लंका द है।

इसके आधार पर घर में भी चोरी हो जाती थी अब बैंक में जब रुपया पहुंचा तो बैंक में भी साइबर ठगी के द्वारा लोगों का पैसा ठगा जाता रहा है इस पर किन-किन बिंदुओं किन-किन तरीकों से लोगों से पैसा की ठगी की जाती है इस पर अंचल अधिकारी द्वारा प्रकाश डाला गया विशेष का डिजिटल बैंकिंग के फायदे के साथ-साथ साइबर फ्रॉड के तरीके और उदाहरण जिसमें लॉटरी इनाम लालच फर्जी कस्टमर केयर बैंक अधिकारी बनना स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड बिजली बिल काटने सिम कार्ड ब्लॉक होने यदि के नाम पर किए जा रहे ठगी का विस्तार से चर्चा किया साथ इन्होंने बताया कि ठगी के बाद पहला अवर गोल्डन आवर के नाम से जाना जाता है इस दरमियान राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत जितना जल्दी दर्ज कारण पैसा वापस होने की संभावना उतनी जल्दी ही बनी रहेगी अंत में इन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए जानकारी बनिए सतर्क रहिए आरबीआई के स्लोगन को दोहराते हुए बैंक से लाभ उठाइए और विकास कीजिए बस सतर्क रहिए थोड़ा ध्यान से। हर पेमेंट डिजिटल लेकिन थोड़ा ध्यान से। हर धोखा से बचे थोड़ा ध्यान से।





