सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध शराब के कारोबार कुटीर उद्योग का रूप ले लिया है, जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब के कारोबार चल रहा है। उत्पाद विभाग द्वारा भी जनता के आई वास करने और दिखाने के लिए कार्रवाई कर ,अपनी पीठ , कभी कभार थपथपा लेती है। लेकिन इस बार भी कार्रवाई शुरू होने से पहले ही सूचना लीक हो गई, और सभी अवैध कारोबारी माफिया फरार हो गए। उत्पाद विभाग की टीम जब चांडिल थाना क्षेत्र के चिल्गु के समीप ग्राम खोखरोडीह, जड़ियाडीह, चाकुलिया एवं हमसदा टोला पहुंची, तब तक अधिकांश शराब माफिया मौके से फरार हो चुके थे। विभाग को केवल अवैध शराब निर्माण से जुड़े अड्डों और सामग्री को जब्त कर अपनी कार्रवाई करनी पड़ी।

उपायुक्त सरायकेला-खरसावां एवं अधीक्षक उत्पाद क्षितिज विजय मिंज के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में कुल पांच अवैध चुलाई अड्डों को ध्वस्त किया गया। छापामारी के दौरान लगभग 1000 किलो जावा महुआ तथा 50 लीटर महुआ चुलाई शराब बरामद की गई। विभाग ने जब्त किए गए अवैध उत्पादों को नष्ट करते हुए संबंधित अड्डा संचालकों के विरुद्ध झारखंड उत्पाद अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लेकिन विभाग की ओर से जारी सूचना में यह नहीं बताया गया है कि किन-किन व्यक्तियों पर, कितने लोगों पर, केस हुआ है, महिला है कि पुरुष है, उसका नाम क्या है, फरारी या गिरफ्तार के केस हुए हैं। विभाग आधी अधूरी कार्रवाई के बाद भी जानकारी देती है। जिससे विभाग की कार्य शैली पर कई सवाल खड़े होते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी छापामारी होती है, उससे पहले शराब कारोबारियों तक सूचना पहुंच जाती है, जिससे वे आसानी से फरार हो जाते हैं। वर्षों से जमे उत्पाद विभाग के दरोगा नीरज कुमार अखिलेश कुमार की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े करते हैं।




