रांची: गर्मी की बढ़ती तपिश को नजर अंदाज करना एक बड़ी भूल साबित हो सकता है। बदलते मौसम और लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज धूप, लू और उमस न केवल असहजता पैदा करती है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याओं का होता है। जो खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस मौसम में अधिक प्रभावित होते हैं। कई बार लोग काम की व्यस्तता या लापरवाही के कारण पानी पीना कम कर देते हैं या तेज धूप में बिना सुरक्षा के निकल जाते हैं, जिससे शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है।
इसलिए जरूरी है कि हम समय रहते सावधानी बरतें। दिन के समय, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर रखें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और पानी की बोतल साथ रखें। नियमित रूप से पानी, नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है।
इसके अलावा, घर के अंदर भी ठंडक बनाए रखना जरूरी है। खिड़कियों पर पर्दे लगाना, पंखे और कूलर का सही उपयोग करना तथा अधिक गर्म भोजन से बचना भी फायदेमंद होता है।
गर्मी को हल्के में लेना हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है। थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी हमें इस मौसम के दुष्प्रभावों से बचा सकती है। इसलिए, गर्मी की तपिश को नजरअंदाज न करें, बल्कि समझदारी से इसका सामना करें और खुद को सुरक्षित रखें।

June 21, 2026 3: 01 pm
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