सरायलेला (संजीव मेहता) : अब तक की प्रगति के अनुसार, केंद्र सरकार की सैद्धांतिक सहमति के बाद रांची का नया कॉम्प्रिहेन्सिव मोबिलिटी रिवाइज प्लान (सीएमपी) तैयार कर लिया गया है और अब अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (एएआर) तथा डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. प्रस्तावित योजना के अनुसार, शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से राजधानी रांची में कुल 51.3 किमी की दूरी में मेट्रो चलाई जानी है. पहला रूट कचहरी गोल चक्कर से नयासराय तक 16.1 किमी लंबा होगा.

दूसरा रूट पहाड़टोली से नामकुम के बीच 13.7 किमी का होगा, जबकि तीसरा और सबसे लंबा रूट कांके से तुपुदाना तक 21.5 किलोमीटर तक फैला होगा. इन तीनों रूटों के माध्यम से राजधानी के लगभग सभी प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की कार्ययोजना है. आकलन है कि प्रतिदिन 70 हजार से अधिक यात्री रांची मेट्रो की सवारी करेंगे. केंद्र सरकार के निर्देश पर तैयार नए सीएमपी के बाद झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (जुडको) ने एएआर और डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी कर दिया है. इन रिपोर्टों के आधार पर यह तय होगा कि रांची में मेट्रो किस रूट पर एलिवेटेड या कहां अंडरग्राउंड होगी.




