बिहार ( रोहतास ) : पर्यटन को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम किया जा रहा था, जिसके तहत लगभग 60 किलोमीटर की दूरी को बहुत कम समय में पूरा करने की व्यवस्था की जानी थी। इस योजना पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों के लिए रोपवे सेवा शुरू होने की संभावना जताई जा रही थी।
जिससे क्षेत्र में आवागमन आसान होता और पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी होती। हालांकि, ट्रायल के दौरान रोपवे के गिर जाने की घटना ने पूरे इलाके को निराश कर दिया है। जिस योजना को लेकर लोग लंबे समय से आशावान थे, वही अब चिंता और असमंजस का कारण बन गई है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद थी कि यह सुविधा चालू होने के बाद रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की पहचान एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बनेगी।

इस दुर्घटना के बाद निर्माण की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का मानना है कि यदि परीक्षण के समय ही ऐसी चूक सामने आ रही है, तो भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। रोहतास प्रखंड मुख्यालय से चौरासन मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे अब पर्यटकों के सपनों पर विराम लगाता हुआ प्रतीत हो रहा है। फिलहाल यह परियोजना विकास से अधिक अनिश्चितता का प्रतीक बनती नजर आ रही है।






