सरायकेला : सरायकेला जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑटो प्रोफाइल यूनिट-3 में बुधवार को श्रमिकों का असंतोष बड़े आंदोलन के रूप में सामने आया. जहां सैकड़ों मजदूर अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा यानी JLKM के आदित्यपुर नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए. आंदोलन के कारण यूनिट-3 में उत्पादन आंशिक रूप से ठप हो गया. मजदूरों ने कहा कि प्लांट में वर्षों से न्यूनतम वेतन अधिनियम और सामाजिक सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है.
उनकी मांगों में सरकारी नियमानुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान, पीएफ, ईएसआई और बोनस की व्यवस्था, सभी मजदूरों को आईडी कार्ड जारी करने, वार्षिक वेतन वृद्धि और काम से हटाए गए प्रदीप नंदी तथा पुइतु मुखी की बहाली शामिल है. JLKM नेता प्रदीप महतो ने आरोप लगाया कि प्रबंधन लगातार मजदूरों के बुनियादी अधिकारों को नजरअंदाज कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्लांट की उत्पादन क्षमता मजदूरों की मेहनत पर निर्भर है, फिर भी उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को आगे और तीव्र किया जाएगा.

प्रदर्शन के बाद प्रबंधन, जेएलकेएम नेताओं और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई जिसमें दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. पहला, काम से हटाए गए दोनों मजदूर प्रदीप नंदी और पुइतु मुखी को तुरंत बहाल किया जाएगा.दूसरा, मजदूरों की अन्य मांगों पर समाधान निकालने के लिए एक सप्ताह के भीतर 11 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जो सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी. JLKM नेता प्रेम मार्डी ने मजदूरों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि समिति के गठन के बाद सभी मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. बैठक के बाद मजदूर अपनी- अपनी शिफ्ट में लौट गए और यूनिट में गतिविधियां धीरे- धीरे सामान्य होने लगीं. हालांकि श्रमिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को जिला स्तर से राज्य स्तर तक विस्तारित करेंगे.




