बिहार : बिहार के पटना में महागठबंधन की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता सत्यापन फॉर्म बिना आवश्यक दस्तावेजों, ओटीपी और फिंगरप्रिंट के जमा किए जा रहे हैं। उन्होंने पटना के अटल पथ पर फेंके गए मतदाता फॉर्म के वीडियो के माध्यम से यह दिखाया कि बीएलओ फर्जी तरीके से फॉर्म भर रहे हैं।
महागठबंधन के आरोप
– तेजस्वी यादव ने दावा किया कि चुनाव आयोग का 80% सत्यापन का आंकड़ा महज एक दिखावा है, और आयोग जिला या ब्लॉक स्तर पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दे रहा है।
– उन्होंने कहा कि देवघर में मतदाता फॉर्म का उपयोग जलेबी बनाने के लिए किया जा रहा है, जो प्रक्रिया में भारी अनियमितता को दर्शाता है।
– तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद आधार और पैन कार्ड से संबंधित सत्यापन की जानकारी नहीं दे रहा है।

चुनावी परिणामों पर प्रभाव
– तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि यदि 1% मतदाताओं का सत्यापन नहीं हुआ, तो बिहार की प्रत्येक विधानसभा सीट पर औसतन 3,200 वोट कट सकते हैं।
– उन्होंने कहा कि पिछली बार 52 सीटों पर जीत का अंतर 5,000 वोटों से कम था, जो इस बार के चुनावों में संभावित प्रभाव को और भी गंभीर बना देता है।
मुकेश सहनी का बयान
– मुकेश सहनी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुके हैं।
– उन्होंने दावा किया कि वह खुद शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे, फिर भी उनका फॉर्म जमा हो गया, जो सत्यापन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े को उजागर करता है ¹।




