दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : उत्तराखंड की अंकिता भंडारी (19) हत्याकांड में एडीजे अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (जानलेवा हमला), 201 (सबूत मिटाना), 120बी (साजिश), 354ए और अनैतिक व्यापार निषेध अधिनियम के तहत दोषी पाया गया।

अदालत के अनुसार, मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों से यह प्रमाणित हुआ कि आरोपियों ने अंकिता पर आगंतुकों के लिए ‘अतिरिक्त सेवा’ देने का दवाब डाला। जब उसने इसका प्रतिरोध किया, तो उसकी हत्या कर दी गई। अभियोजन पक्ष ने अंकिता की करीबी मित्र की गवाही और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर यह स्थापित किया कि यह एक पूर्वनियोजित अपराध था। मामले की गंभीरता, पीड़िता की आयु और अपराध की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह कठोर निर्णय सुनाया, जिससे न्याय की स्थापना हो सके और समाज में सशक्त संदेश जाए।





