रांची : झारखंड में शराब से जुड़ा मामला इन दिनों गरमाया हुआ है। शराब अब सिर्फ राजस्व का साधन नहीं रह गया, बल्कि यह राज्य सरकार के लिए एक गंभीर सिरदर्द बन चुका है। राज्य में जिस तरह से शराब की अवैध बिक्री और घोटाले सामने आ रहे हैं, उसने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला कर रख दिया है। हाल ही मे ACB और अन्य जांच एजेंसियों ने झारखंड में शराब घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई में कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रभावशाली व्यक्ति जांच के घेरे में आए हैं, और कुछ जेल के सलाखों के पीछे भी भेज जा चुके है। जांच में यह बात सामने आई है कि शराब के व्यापार में कई उच्च पदस्थ अफसरों और नेताओं की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला किया गया है। इस घोटाले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सिस्टम में कहीं न कहीं गहरी साजिश और भ्रष्टाचार की जड़ें मौजूद हैं। सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वह इस गुत्थी को सुलझाए और दोषियों को सजा दिलाए। अब सवाल सभी के दिलों दिमाग में एवं चौक चौराहों पर बड़ी तेजी से यह चर्चाएं चल रही है कि प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में, अब अगला निशाना कौन होगा? क्या और भी बड़े नाम इस जांच की जद में आएंगे? (संभावित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी) पर भी नजरें टिकी हुई हैं। झारखंड के नागरिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता रखेगी और दोषियों को सख्त सजा देगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच की आंच और कितने बड़े चेहरों को झुलसाएगी।




