दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया बनी समझदारी का कोई उल्लंघन होता है, तो सीमा पर तैनात अधिकारियों को पूरी स्वतंत्रता होगी कि वे तत्काल और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दें। यह निर्णय ऐसे समय पर लिया गया है जब दोनों देशों के बीच 10 मई को आपसी सहमति बनी थी कि जमीनी, हवाई और समुद्री स्तर पर किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या फायरिंग को तुरंत रोका जाएगा।

हालांकि, 10-11 मई की रात को इस समझौते के उल्लंघन की खबरें सामने आईं, जिसके बाद जनरल द्विवेदी ने पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और स्थानीय सैन्य कमांडरों से हालात की जानकारी ली। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में किसी प्रकार की उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो वहां मौजूद अधिकारी अपनी सूझबूझ से सशस्त्र प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह अधिकृत हैं। यह कदम देश की रक्षा में किसी भी खतरे का त्वरित जवाब देने के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। इससे सीमा पर तैनात बलों को स्थिति के अनुसार निर्णय लेने की पूरी छूट मिलेगी।




