बोकारो : ईडी द्वारा की गई जांच में बोकारो की 133.64 एकड़ भूमि पर जताई गई दावेदारी के दस्तावेज अवैध पाए गए हैं। इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन ने यह कहा था कि उनके पूर्वजों ने ब्रिटिश शासनकाल में इस संपत्ति की नीलामी में खरीद की थी। यह भी सामने आया कि करीब 74 एकड़ भूमि पहले ही बेची जा चुकी है।

जिला प्रशासन की जांच में पुरुलिया के पंजीकरण कार्यालय से बताया गया कि नीलामी से जुड़े किसी भी प्रकार के अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इजहार ने जमीन पर दावा जताने के लिए दो कागजातों का सहारा लिया—एक रजिस्ट्री डीड संख्या 191 और दूसरा समीर महतो का वसीयतनामा। इन दस्तावेजों के आधार पर चास अंचल के तत्कालीन राजस्व अधिकारी निर्मल टोप्पो ने म्यूटेशन को मान्यता दे दी, जिसके चलते उन्हें नौकरी से हटाया गया। ईडी ने इस धोखाधड़ी से जुड़े लोगों के घरों और दफ्तरों पर दबिश दी, जिसमें बांका स्थित बीर अग्रवाल के यहां से 1.30 करोड़ रुपये बरामद किए गए। राजबीर कंस्ट्रक्शन द्वारा धन मुहैया कराने की बात सामने आई। सर्वे में कोलकाता स्थित कार्यालय से डीड 191 को जाली घोषित किया गया।




