सरायकेला (संजीव मेहता) : नेताजी सुभाष चंद्र बोस आजादी के सच्चे दीवाने थे, देश की आजादी में उनकी भूमिका अग्रणी रही थी. यह दुर्भाग्य है कि अंतिम समय में वे ट्रेसलेस हो गए जिसका अब तक पता नहीं है, लेकिन वे देश के सर्वोच्च स्वतंत्रता सेनानी थे. उक्त बातें नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 128वीं जयंती के मौके पर कोल्हान आयुक्त हरि कुमार केसरी ने कहा. वे नेताजी सुभाष मंच के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. इस मौके पर पूर्व कोल्हान आयुक्त और मंच के चेयरमैन विजय कुमार, नेताजी को आदर्श मानने वाले समाजसेवी शेखर डे आदि भी बतौर अतिथि मौजूद रहे. इसके अलावा कई गणमान्य अतिथि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान नेताजी के तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अतिथियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया. अतिथियों का स्वागत मंच के अध्यक्ष ने अपने संबोधन से किया. इस मौके पर विभिन्न स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नेताजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया. कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नेताजी की जीवनी पर आधारित छऊ नृत्य की प्रस्तुति रहा. जिसकी प्रस्तुति नीमडीह प्रखण्ड के रघुनाथ पुर के कलाकारों ने की.

बता दें कि नेताजी सुभाष मंच हर वर्ष फुटबॉल मैदान आदित्यपुर में धूमधाम से नेताजी सुभाष की जयंती मनाती है. मंच के अध्यक्ष पीके नंदी ने बताया कि उनका कार्यक्रम देशभक्ति के साथ-साथ झारखंड की कला सांस्कृतिक के प्रतीक छऊ नृत्य पर आधारित है. छऊ नृत्य नेताजी के जीवन पर आधारित है जो झारखंड में पहली बार प्रस्तुत किया गया है. इससे पूर्व मंच ने सुबह 12:10 बजे शेरे पंजाब चौक (सुभाष चौक) पर स्थित उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. आज के कार्यक्रम में आदित्यपुर गम्हरिया के हजारों स्कूली बच्चे को नेताजी सुभाष की जीवनी पर आधारित क्वीज के विजेता को पुरस्कृत किया गया है. कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष पीके नंदी के अलावा कोषाध्यक्ष संध्या प्रधान, सचिव नीतेश तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य अनिल सिंह, असीम रॉय, मनोज मुखी आदि का अहम योगदान रहा.





