जमशेदपुर: बर्मामाइंस लाल बाबा फाउंड्री तीन दिनों जमशेदपुर सहित राज्य के राजधानी रांची में भी हॉटस्पॉट बना हुआ है। जहां टाटा लैंड अपनी जमीन को कोर्ट के आदेश पर खाली करना चाहता है वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि समाजसेवी व्यवसाय और ग्रामीण इसके विरोध में जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसको लेकर प्रशासन पहुंचा तो जरूर लेकिन विरोध प्रदर्शन के कारण बैक फुट पर रहा। शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान भारी विरोध के कारण स्थगित कर दिया गया। टाटा स्टील और लाल बाबा फाउंड्री के बीच लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद में कोर्ट ने हाल ही में टाटा स्टील के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके परिणामस्वरूप, प्रशासन को बर्मामाइंस की लगभग 70 डिसिमल से अधिक जमीन से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था, जिसे टाटा स्टील को सौंपा जाना था।कोर्ट के इस आदेश के तहत शुक्रवार को 100 से अधिक गोदामों को तोड़ा जाना था। इस अभियान के विरोध में सुबह से ही कैलाशनगर व्यापारी संघ समिति, भाजपा, कांग्रेस, भारतीय जनतंत्र मोर्चा विभिन्न राजनीतिक दल समाजसेवी ग्रामीण और सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई संगठन वहां एकत्र हो गए थे।

स्थानीय लोगों के विरोध स्वरूप ट्यूब कंपनी गोलचक्कर के पास टायर जलाकर सड़क अवरुद्ध कर दी। जिससे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।दोपहर में कार्यपालक दंडाधिकारी सुमित प्रकाश और कोर्ट के नाजिर धीरज के नेतृत्व में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद भीड़ ने उन्हें ट्यूब कंपनी गोलचक्कर के पास ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें कोर्ट में अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया है और उन्हें हाईकोर्ट जाने का समय मिलना चाहिए।इस विरोध और भारी जनसमूह को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि, टाटा स्टील प्रबंधन अतिक्रमण हटाने के लिए प्रयासरत है। लेकिन आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों के आचार संहिता के दौरान यह कार्रवाई फिर से की जा सकती है। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया की स्थिति के कारण इस पर कुछ भी स्पष्ट कहना मुश्किल है। लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जा सकते हैं।




