जामताड़ा : झारखंड का जामताड़ा जिला साइबर ठगी के मामलों में पूरे देश में बदनाम हो चुका है। यहां के 22 करोड़पति साइबर ठगों की संपत्ति का विवरण स्थानीय प्रशासन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपा है। इन अपराधियों ने देशभर में सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाकर करोड़ों की संपत्ति जुटाई है। पुलिस ने पहले भी कई बार इनमें से ज्यादातर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन जमानत मिलने के बाद ये फिर से ठगी का धंधा शुरू किया हैं। इन ठगों ने अपनी संपत्ति को छिपाने के लिए अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर संपत्ति बनाई है। ईडी अब इन संपत्तियों का आकलन करेगी और उन्हें अपराध से अर्जित माना जा सकता है, जिसके बाद ईडी इनके संपत्ति कब्जे में ले सकती है। यह भी चिंताजनक है कि इस धंधे में कम उम्र के युवा भी शामिल हो रहे हैं और अपने रिश्तेदारों को साइबर ठगी की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें परिवार के सदस्य जैसे बाप-बेटा, भाई-भाई, और अन्य करीबी रिश्तेदार मिलकर इस अपराध को अंजाम दे रहे हैं। 2024 में अब तक जामताड़ा साइबर थाना में 57 केस दर्ज हो चुके हैं और करीब 135 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बावजूद, साइबर ठगी का यह संगठित गिरोह तेजी से फैल रहा है और नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का काम जारी है। प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस समस्या से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन चुनौती गंभीर बनी हुई है।




