सरायकेला (संजीव मेहता) : जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत नव प्राथमिक विद्यालय.बड़डीह में पारा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सोनू सरदार की हत्या मामले में सरायकेला पुलिस को।सफलता हाथ लगी है. इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने इस मामले में 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सूत्रधार बीरबल सरदार और एक अन्य आरोपी लक्खीचरण नायक अब भी फरार हैं. पुलिस की एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई कर घटना में प्रयुक्त हथियार, गोलियां और वाहन बरामद कर लिए हैं. जिले के एसपी मुकेश लुनायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि 13-14 दिसंबर 2024 की रात अज्ञात अपराधियों ने यशपुर पंचायत की मुखिया के पति और पारा शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सोनू सरदार की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद गम्हरिया थाना कांड संख्या 135/2024 के तहत मामला दर्ज कर एसआईटी का गठन किया गया था. एसआईटी ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनमें आशीष गोराई (25) गंजिया गम्हरिया, विश्वजीत नायक (24) गंजिया मेन रोड गम्हरिया, अनिल सरदार उर्फ गोंदी (25) बड़डीह गम्हरिया, आनंद दास (44) राजगांव गम्हरिया और सुरज मार्डी (27) बड़डीह, गम्हरिया शामिल हैं. एसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त लोडेड पिस्टल मैगजीन के साथ, 7.65 एमएम के 4 जिंदा कारतूस, पिस्टल का एक खाली मैगजीन, एक लोडेड देशी कट्टा, देशी कट्टा का एक जिंदा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल टीवीएस अपाचे जेएच 05 सीएन 2535, होंडा शाइन एसपी जेएच 05 बीपी 3951 और होंडा डियो स्कूटी जेएच 05 सीएक्स 4710 बरामद किया गया है. पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि बीरबल सरदार इस घटना का मुख्य सूत्रधार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. हत्याकांड में गिरफ्तार आशीष गोराई पर कई मामले दर्ज हैं,जिनमें गम्हरिया थाना कांड संख्या 29/2019 धारा 447/341/323/379/385/427/34 आईपीसी के तहत पहले भी मामला दर्ज है.

गिरफ्तारियों में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर सवैया के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम ने अहम भूमिका निभाई. इस टीम में गम्हरिया, आदित्यपुर, आरआईटी थाना के पुलिसकर्मी और तकनीकी शाखा के सदस्य शामिल थे. प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी मुकेश लुनायत ने बताया कि इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे होने की संभावना है, साथ ही जनता से अपील की गई है कि अपराधियों की सूचना पुलिस को दें और किसी प्रकार के असामाजिक गतिविधियों से बचें. इस खुलासे के साथ पुलिस ने हत्याकांड को लेकर लोगों में फैले भय को कम करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है.




