जमशेदपुर:जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना अंतर्गत बाबूडीह स्वर्णरेखा नदी में एक 18 वर्ष युवक की डूबने का मामला में नया मोड़ आया है। जिसमें परिवार वालों ने एक युवती पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बारे में मृतक मनीष कुमार की मां दीपा देवी और बहन चंचल कुमारी द्वारा दिए गए जानकारी के अनुसार वे लोग गोविंदपुर में रहते हैं जबकि मनीष कुमार बाबूडीह में ही टेंट लाइट साउंड के गोदाम ने रहकर काम करता था।बीते शाम पांच,साढ़े 5 बजे के लगभग बाबूडीह की रहने वाली सोनम कुमारी ने मनीष को फोन कर नदी किनारे बुलाया. जहां पहले से दो अन्य युवती और दो युवक मौजूद थे।मनीष कुमार के आने पर सोनम उससे किसी बात को लेकर झगड़ा करने लगी और नदी में कूद गइ.मनीष उसे बचाने के लिए नदी में कूदा और वह डूबने लगा। वही वहां मौजूद युवकों ने युवती को नदी से बाहर निकाल लिया, जबकि मनीष को डूबते छोड़ दिया और वहां सोनम को छोड़ से सभी चली गए ।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने सोनम को पूछताछ के लिए थाना ले गई लेकिन घटना का समय उसे खोजने का प्रयास नहीं किया. दूसरे दिन शनिवार को गोताखोर का सहयोग से खोजने का प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं मिला.घटना के पीछे के कारनो के बारे में बहन ने जानकारी दी की 8 दिन पूर्व ही सोनम से उसके भाई की जान पहचान हुई थी और युवती का किसी वीडियो को लेकर दोनों में अनबन हो गई। वहीं सोनम के चाचा ने भी मनीष को जान से मारने की धमकी दी थी। संभावना जताया जा रहा है कि उस वीडियो को लेकर ही युवति ने एक साजिश के तहत इस घटना को अनजान दिया है जो हत्या प्रतीत हो रही है । वहीं प्रशासन के कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है इनका कहना है कि अगर कल ही समय पर गोताखोरों के द्वारा खोजबीन की जाती तो मनीष का शब मिल जाता। वहीं दूसरे दिन भी दोपहर बाद गोताखोरों ने सही तरीके से बिना खोज बिन कि। सभी चले गए अगर एनडीआरएफ की टीम को बुलाकर खोजा जाता है तो दूसरे दिन सब खोजने में सफलता मिलती. क्षेत्र वासियों का यह भी आरोप है कि गोताखोरों ने₹10000 की मांग की थी तभी खोजने की बात कही ऐसा प्रतीत हो रहा है परिवार वालों ने इसमें सक्षम नहीं होने कारण वे लोग बिना खोजे चले गए बहरहाल अब जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की खुलासा हो पाएगा।




