जमशेदपुर : जमशेदपुर में साड़ों के हमले से राहगीर काफी परेशान है,आए दिन कोई ना कोई इनके चपेट में आने से घायल हो जा रहे है, शहर के किसी भी व्यस्तम सड़क की ओर दिखे दो सांडों का आपस में लड़ना आम हो गया है, ऐसे में कोई उनके बगल से गुजर जाए तो इनकी चपेट में आकर घायल होना लाजमी है, इसके बावजूद प्रशाशन मौन है।
इसी तरह पिछले दो दिनों में मानगो शंकोशाई में 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। जिसमें गुरुवार को एक महिला की मौत भी हो गई। इस घटना के बाद प्रशाशन की निद्रा खुली और आनन फानन में JNAC और जुस्को के टीम सांड को काबू में कर गोशाला ले गई। बताया जाता है कि एक सांड बीते कुछ दिनों से लोगों पर हमला कर रहा था।स्थानीय वासी मानगो नगर निगम को इसकी सूचना दी लेकिन कोई पहल नहीं की गई।

जिस वजह से उस सांड ने दो दिनों में आक्रामक रूप ले लिया और लगभग 15 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। जिन्हें MGM और TMH में भर्ती कराया गया जिसमें घायल महिला की मौत हो गई इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशाशन घटना स्थल पर पहुंची और उसे बेहोशी का दवा देकर उसे काबू किया गया जिसके बाद क्षेत्र वासियो ने राहत की सांस ली। बता दे कि दो वर्ष पूर्व साकची आम बागान के मुख्य सड़क पर अहले सुबह सांड ने हमला कर दो लोगों की जान ले ली थी जिसे शहर के लिए काला अध्याय माना जाता है। समय रहते प्रशाशन ऐसे आवारा पशुओं को सड़क से नहीं हटाया तो आने वाले समय में कई और लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।




