रांची: राज्य के चार जिलों में स्थित जिला अस्पतालों में बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक चल रहे हैं। इन जिलों में दुमका, गुमला, गढ़वा और सिमडेगा शामिल हैं। इन अस्पतालों में रक्त परीक्षण से संबंधित सामग्री की गंभीर कमी पाई गई है, जिसमें टेस्ट ट्यूब और आयोडीन टिंचर जैसी बुनियादी वस्तुएं भी नहीं हैं। महालेखाकार के ऑडिट ने सरकार को इस स्थिति की जानकारी दी, जिसे सरकार ने स्वीकार किया और सुधार का वादा किया। सरकारी या निजी अस्पतालों द्वारा ब्लड बैंक चलाने के लिए लाइसेंस होना अनिवार्य है।

राज्य में ब्लड बैंक लाइसेंस जारी करने का अधिकार ड्रग कंट्रोलर के पास है। ऑडिट में यह भी पाया गया कि चतरा जिला अस्पताल में ब्लड बैंक नहीं है, और अन्य अस्पतालों में जिनका लाइसेंस 2013 से 2018 के बीच समाप्त हो चुका था, उनका नवीनीकरण नहीं किया गया। 2021 में केंद्रीय संस्था ने इसकी जानकारी दी, लेकिन सरकार ने अब तक कार्रवाई नहीं की। आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण नवीनीकरण संभव नहीं हो सका है। गुमला में एक उपकरण की कमी पाई गई, जबकि अन्य तीन अस्पतालों में 13 से 20 सामग्रियों की कमी थी।




