सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिला इन दिनों प्रशासनिक अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। जिले की व्यवस्था बड़े पैमाने पर *प्रभार प्रणाली* पर टिकी हुई है, जहां एक-एक अधिकारी को तीन-चार महत्वपूर्ण पदों का भार संभालना पड़ रहा है। नतीजा यह है कि जनसमस्याओं के समाधान में देरी हो रही है और प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित हो रही है।
जिले में कई अहम पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। डायरेक्टर आई-टीडीए, एसडीएम सरायकेला, एलआरडीसी सरायकेला, एलआरडीसी चांडिल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सीओ सरायकेला, बीडीओ गम्हरिया, सीओ कुकड़ू, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सांख्यिकी पदाधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पद केवल प्रभार के सहारे चल रहे हैं। अधिकारी कई-कई जिम्मेदारियों को एक साथ निभा रहे हैं, जिससे कार्यभार बढ़ रहा है और फील्ड लेवल सुपरविजन में भी असर देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी की कमी के कारण आम जनमानस की समस्याओं के समाधान में विलंब होता है। राजस्व कार्य, जमीन-संबंधी मामले, जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा, पंचायत-स्तरीय विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और शिक्षा-विभाग के कई निर्णय समय पर नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, प्रखंड स्तर पर भी कई विभाग केवल औपचारिक तरीके से चल रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के कामकाज पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासनिक जानकार बताते हैं कि जिले को बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की जरूरत है और यह तभी संभव है जब पद रिक्तियों को प्राथमिकता देते हुए जल्द भरा जाएगा।




