जमशेदपुर: झारखण्ड की शराब दुकानों के 4400 से अधिक कर्मचारी पिछले तीन महीने से वेतन प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं. राज्य में 1529 लाइसेंसी शराब की दुकानों में काम करने वाले ये सेल्समैन होली के त्योहार से पहले वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. राज्य सरकार को शराब बिक्री से प्रतिदिन लगभग 1 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, लेकिन फिर भी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति राज्य के नियोजनालय और उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से की गई थी, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में श्रम कानूनों का पालन नहीं किया गया.

राज्य में 1564 शराब की दुकानें संचालित करने की योजना थी, लेकिन फिलहाल केवल 1529 दुकानें चल रही हैं. प्रत्येक दुकान पर एक सुपरवाइजर और दो सेल्समैन होते हैं, जो बिक्री, स्टॉक मिलान और अन्य कार्यों की देखभाल करते हैं. होली के समय वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों को गंभीर वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और उन्होंने वेतन में देरी और श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.




