Saraikela (संजीव मेहता) :
भारत की प्रमुख ऑटो व नॉन-ऑटो घटक निर्माण कंपनी आरएसबी ग्लोबल ने अपने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव के प्रमुख मंच एक पहल की तीसरी वर्षगांठ भव्यता और जोश के साथ रैडिसन होटल, जमशेदपुर में मनाई. एक पहल, अनेक सपने थीम के साथ आयोजित इस आयोजन में आरएसबी की विभिन्न इकाइयों की महिला कर्मचारियों ने पूरे जोश और गर्व के साथ भाग लिया.
इस अवसर को गौरवान्वित करने आईं तीन प्रेरणादायक महिलाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं सुश्री पूर्णिमा महतो, पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात तीरंदाजी कोच, जिन्होंने भारत को खेल जगत में गौरवान्वित किया है, ने अपने प्रेरक वक्तव्य और विनम्र उपस्थिति से सभी को भावविभोर कर दिया. डॉ. पूर्णिमा डोरे जानी-मानी अर्थशास्त्री व लेखिका जिन्होंने सामाजिक और आर्थिक विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है, ने अपने अनुभव साझा किए जो महिलाओं के नेतृत्व और सामूहिक चेतना को मजबूती प्रदान करते हैं. साथ ही, सुश्री स्वर्णलता दलाई.एवरेस्ट विजेता पर्वतारोह जिनकी उपलब्धि युवाओं को प्रेरित करती है.

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रहा एक मनोरंजक, प्रभावशाली और जागरूकता-प्रधान मंचन कल की खोज, आज का बोझ जिसमें प्लास्टिक प्रदूषण जैसे गंभीर पर्यावरणीय मुद्दे को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया. इसके साथ ही, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मसाज टू द मासेस जैसी प्रतीकात्मक गतिविधियाँ, और pillar टीम लीडर्स की प्रेरक बातें इस आयोजन को जीवंत बनाती रहीं. कार्यक्रम की सुंदर और प्रभावशाली एंकरिंग जया सिंह और ग़ज़ल भामरे ने की, जिनके आत्मीय संचालन ने समस्त कार्यक्रम को संपूर्णता प्रदान की. सुश्री निर्मला बेहरा कार्यकारी निदेशक, आरएसबी ग्लोबल, द्वारा आरंभ की गई. एक पहल आज आरएसबी में एक सशक्त आंदोलन बन चुकी है. यह चार मजबूत स्तंभों पर आधारित है.
1. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता
2. शिक्षा एवं विकास
3. सुरक्षा
4. समुदाय सेवा
इन स्तंभों के अंतर्गत कर्मचारियों को समाज और संगठन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा और शक्ति मिली है. इस अवसर पर वर्ष भर कार्य करने वाले स्तंभ नेताओं को उनकी प्रतिबद्धता और नवाचार के लिए सम्मानित किया गया. विशेष सराहना बिंदिया खंडका और मोनिका पैरा (कम्युनिटी इनिशिएटिव पिलर) और सुनिता भट्टमिश्र (सेफ्टी पिलर) को दी गई, जिनके समर्पण ने पूरे कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया.




