रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित JSCA अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए वनडे मैच में जहां मैदान के अंदर रोमांच चरम पर था, वहीं स्टेडियम के बाहर दर्शकों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी में शानदार स्ट्रोक लगाकर दर्शकों को उत्साहित किया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मैच शुरू होने के बाद भी बाहर ही कतारों में अटके रहे।
सुबह से ही स्टेडियम परिसर में भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, क्योंकि लंबे अंतराल के बाद रांची में अंतरराष्ट्रीय मुकाबला आयोजित किया गया था। टिकट काउंटरों पर भी काफी भीड़ देखी गई और कई लोगों ने ब्लैक में टिकट बेचने की शिकायतें भी कीं। किसी तरह टिकट हासिल करने के बाद जब दर्शक मैच देखने पहुंचे तो प्रवेश द्वारों पर धीरे-धीरे हो रही चेकिंग ने उन्हें परेशान कर दिया।

हाथ में वैध टिकट होने के बावजूद दर्शक समय पर अंदर नहीं जा पा रहे थे। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, वैसे-वैसे धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति भी बनने लगी। शिकायतों और बढ़ते तनाव के बीच पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। लाठियाँ चलाए जाने के बाद वहां मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई।
दर्शकों का कहना था कि प्रशासन की तैयारी अपर्याप्त थी और इसी कारण प्रवेश में देरी हुई। उनका आरोप था कि जब व्यवस्था पहले से ही बिगड़ी हुई थी, तब भीड़ पर लाठीचार्ज करने की क्या जरूरत थी? कई लोगों ने कहा कि वे सिर्फ मैच का आनंद लेने आए थे, लेकिन अव्यवस्था के कारण उन्हें परेशानी और पुलिस की सख्ती दोनों झेलनी पड़ी।
कई क्रिकेट प्रेमियों ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया इतनी धीमी थी कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तक परेशान हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्टेडियम प्रबंधन समय से भीड़ को सुव्यवस्थित करता और पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती होती, तो ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती।
मैदान के अंदर का खेल जहां लोगों को रोमांचित कर रहा था, वहीं बाहर की अव्यवस्था ने दर्शकों का अनुभव बिगाड़ दिया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बड़े आयोजनों में सुचारू भीड़ प्रबंधन और बेहतर प्रशासनिक तैयारी कितनी आवश्यक होती है।





