
रांची : बीते दिनों राज्य की राजधानी रांची में जिस तरह से घटनाएं घटीत हुए है। उससे राज्य की विधि व्यवस्था पर सवाल उठने लाजिमी हो गए हैं, और सवाल उठने लगे हैं। कहा जाने लगा है कि राज्य के राजधानी रांची में राज्य के विधि व्यवस्था संभालने वाले सबसे बड़े पदाधिकारी निवास करते हैं। जिनके कंधे पर राज्य के विधि व्यवस्था व्यवस्था संभालने की जिम्मेवारी है। उस राजधानी रांची में पुलिस, नेता, वकील ,दिनदहाड़े मारे जा रहे हैं। तो सवाल उठने तो लाजिमी ही है, विधि व्यवस्था को लेकर, लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे है। बीते राज्य के राजधानी रांची में तीन बड़ी आपराधिक घटनाओं ने राज्य की राजधानी रांची के कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. जहां राज्य के राजधानी रांची में मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव , डीजीपी सहित राज्य के कानून व्यवस्था संभालने वाले पदाधिकारी निवास करते हैं । ऐसे में राज्य के राजधानी रांची में घटित घटनाओं ने आम जनता को सोचने और अपने आप को असुरक्षित महसूस करने पर मजबूर कर दिया है। बढ़ती आपराधिक घटनाओ को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि शहर में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और अब लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गुरुवार की शाम एक नेता को अपराधियों ने गोली मार दी । वहीं शुक्रवार को दिनदहाड़े वकील की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. रांची पुलिस इन दोनों घटनाओं का खुलासा भी नहीं कर पायी थी कि अपराधियों ने स्पेशल ब्रांच के एक दरोगा को अपनी गोली का निशाना बना दिया।
विगत कुछ दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं ने विधि व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है।23 मार्च को रांची में खरीददारी कर रहे युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वही 27 मई को रांची के एक बार में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि 07 जुलाई को धुर्वा में पूर्व पार्षद की गोली मार कर हत्या कर दी गई। जिससे राजधानी रांची की विधि व्यवस्था बिगड़ने को लेकर शहर में चर्चाएं होने लगी। वही फिर अपराधियों ने 14 जुलाई को रांची के मोरहाबादी में फास्ट फूड खाने के बाद पैसा नहीं दिया तो होटल कर्मी ने गला काटकर हत्या कर दी।जबकि 19 जुलाई को रांची के हरमू में एक बैंक कर्मी की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गया । अपराधियों ने1 अगस्त को कांके रोड में राजेश मुंडा नामक युवक को गोली गोली मार दी। अपराधीक घटनाओं पर रोक लग भी नहीं पाया था कि 2 अगस्त को रांची में अधिवक्ता की चाकू मारकर हत्या कर गई।वही 3 अगस्त को स्पेशल ब्रांच के दरोगा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।जिससे राज्य के विधि व्यवस्था पर सवाल खड़े कर, लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।





