रांची : झारखंड की राजधानी रांची के नगरी क्षेत्र में आयोजित ‘हल जोतो अभियान’ को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। यह अभियान आदिवासी समाज द्वारा अपनी पारंपरिक ज़मीन पर अधिकार जताने और सांकेतिक हल चलाकर अपनी पहचान को मजबूती देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। अभियान को लेकर झारखंड के विभिन्न जिलों से आदिवासी समाज के लोग नगरी पहुंचने के लिए निकले थे, लेकिन प्रशासन ने पूरे राज्य में सख्ती बरतते हुए सभी जिलों में आंदोलनकारियों को रोक दिया। सरायकेला जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा को पुलिस ने डिटेन किया।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र और घाटशिला से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन को तमाड़ क्षेत्र में पुलिस ने डिटेन किया । प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते आदिवासी समाज में आक्रोश देखा जा रहा है। नगरी में जहां हल चलाने की योजना थी, वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, जबकि प्रदर्शनकारी इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन मान रहे हैं। स्थिति पर निगरानी बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार कैंप कर रहे हैं।



