जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर करणी सेना से जुड़े हिमांशु कुमार सिंह और उनके सहयोगी प्रत्युष सिंह पर हुए जानलेवा हमले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस प्रकरण में बिष्टुपुर थाना में भाजपा नेता एवं बार संचालक नीरज सिंह, सह-संचालक विनय कुमार सहित कुल 11 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
शनिवार देर रात लगभग 11:30 बजे राम मंदिर के समीप स्थित बार के बाहर यह खूनी घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस समय पुलिस गश्ती दल और टाइगर मोबाइल के जवान घटनास्थल के पास मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद हमलावरों ने दोनों युवकों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। घायलों के साथ मौजूद मोहित कुमार सिंह ने बताया कि बार के भीतर कुछ युवकों द्वारा युवतियों से कथित अभद्र व्यवहार का विरोध किए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ था। बाद में मामला शांत हो गया, लेकिन जब हिमांशु और प्रत्युष पार्किंग से अपनी बाइक लेने पहुंचे तो पहले से घात लगाए बैठे 8 से 10 युवकों ने उन्हें घेर लिया और चाकू व चापड़ से हमला कर दिया।

आरोप है कि गंभीर रूप से घायल हिमांशु को पुलिसकर्मियों ने गश्ती वाहन में बैठाकर सुरक्षित करने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने वाहन का दरवाजा खोलकर अंदर भी उन पर वार कर दिए। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हमले में हिमांशु कुमार सिंह के पेट में कई गंभीर घाव आए, जिसके बाद उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल से एयर एंबुलेंस के माध्यम से कोलकाता के अपोलो अस्पताल भेजा गया। वहीं प्रत्युष सिंह के सीने, पीठ और पेट पर गहरे जख्म हैं तथा उनका उपचार टीएमएच के क्रिटिकल केयर यूनिट में जारी है। एफआईआर में सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज मोदक, प्रदीप मोदक, अर्जुन मोदक, गणेश मोदक, लखन बागी, नीरज सिंह, विनय कुमार तथा एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब तक तीन आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है और शेष की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही डीडी बार से जुड़े पुराने विवादों को भी जांच के दायरे में शामिल किया जा रहा है।






