रांची : दरभंगा एयरपोर्ट पर 18 सितंबर को इनकम टैक्स अधिकारियों ने रौशन कुमार के पास से 10 लाख रुपये जब्त किए, जो अघोषित निकासी का मामला था। भास्कर की जांच में यह खुलासा हुआ कि यह पैसा एसबीआई के मीरा इंडस्ट्रियल एस्टेट शाखा में पूजा ब्यूटी पार्लर नाम के निष्क्रिय खाते से निकाला गया था।
बैंक में निष्क्रिय खाता वह होता है जिसमें लगातार दो साल तक कोई लेन-देन नहीं होता। ऐसे खातों की स्थिति बैंक के मैनेजर को पूरी तरह पता होती है। जांच में यह सामने आया कि कुछ बैंक अधिकारियों और मैनेजरों की मिलीभगत से निष्क्रिय खातों का फर्जी केवाईसी अपडेट कर उन्हें धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया जा रहा है। स्कैम की योजना लंबी अवधि में बनाई जाती है और अक्सर 8-10 साल पुराने निष्क्रिय खातों को निशाना बनाया जाता है।

इस तरह के खातों में बड़े पैमाने पर अघोषित राशि जमा कर उसे बाहर निकाला जाता है। यह मामला यह दर्शाता है कि बैंकिंग प्रणाली में निगरानी की कमी और मैनेजरों की मिलीभगत का लाभ उठाकर निष्क्रिय खातों के माध्यम से बड़ी रकम का गबन किया जा सकता है। इनकम टैक्स की कार्रवाई से यह स्कैम उजागर हुआ और ऐसे मामलों में कड़ी जांच और सख्त नियंत्रण की आवश्यकता स्पष्ट हो गई।




