जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना अंतर्गत बाबूडीह नदी में बीते दिन नहाने के दौरान दुबे दो किशोर में से एक का शव बरामद कर लिया गया,लेकिन प्रशाशन के कार्य शैली पर बस्ती वासी नाराजगी व्यक्त की। बीते दिन दोपहर 3 बजे बस्ती के ही तीन दोस्त नदी में नहाने गए थे जिसमें से निखिल महानंद मुखी और सूरज शांडिल डूब गए जबकि तीसरा सूरज शांडिल बच गया,उसने ही परिजनों को सूचना दी।

इसे लेकर सिदगोड़ा पुलिस ने बुधवार के सुबह NDRF की टीम पहुंचने के बात कही थी,लेकिन वह नहीं पहुंची जबकि सोनारी से मछुवारों के 5 सदस्यों को भेजा गया। जिनके द्वारा सुबह 8 बजे से खोजबीन शुरू की और शव नहीं मिलने पर दो घंटे बाद वे लोग लौट गए। जिसके बाद बस्तीवासी अपने स्तर से नदी में उतर कर तलाशी शुरू की जिसमें उन्हें सफलता मिली और चट्टान मे फंसे शव को खोज निकला जिसकी पहचान निखिल महानंद के रूप में की गई।शव मिलते ही बस्ती मे चीख पुकार मच गई। वही बस्तीवासियों और मृतक के परिजनों ने प्रशाशन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो कार्य प्रशाशन को करनी चाहिए थी वह कार्य जान जोखिम में डालकर बस्ती वासियों को करना पड़ा,NDRF की टीम भी नहीं पहुंची, क्षेत्र के विधायक से भी गुहार लगाई गई।उनसे भी खास सहयोग नहीं मिल पाया।मृतक के बड़े पिताजी श्याम महानंद ने अपना दुःख प्रकट करते हुए कहा कि वे लोग गरीब परिवार से है जिस वजह से प्रशाशन और जनप्रतिनिधियों से सहयोग नहीं मिल पाया है,जिससे वे काफी नाराज।बहरहाल निखिल के शव मिलने बाद दुबारा मछुवारों को बुलाकर सूरज शांडिल का शव को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है।




