Saraikela (Sanjeev Mehta) : वीमेंस कॉलेज जमशेदपुर की जंतु विज्ञान की व्याख्याता से अपनी जिंदगी का सफर शुरू करने वाली महिला उद्यमी बनी उषा रानी झा की कहानी भी किसी भी महिला के लिए उत्प्रेरक से कम नहीं है. वर्ष 2022 में इन्हें इकोनॉमिक्स टाइम्स ने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में बेस्ट इनोवेटिव महिला के रूप में चयन कर सम्मानित कर चुका है. इतना ही नहीं उषा रानी झा को वर्ष 2019 में देश के 5 सफल महिला उद्यमी में गौरवपूर्ण स्थान मिला, तब इन्हं तत्कालीन उपराष्ट्रपति वैकैया नायडू ने हाउ कैन” चेंज इंडिया के रूप में प्रतिष्ठित अवार्ड से नवाजा था.

एक सफल महिला उद्यमी बन उषा रानी झा आज दूसरी कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं. ये वर्तमान में सीआईआई की चेयरमैन पद को सुशोभितकर रही हैं. वर्तमान में ये छोटी बड़ी 5 कंपनियों का संचालन कर रही हैं. जिसमें आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र का टाटानगर इंटरप्राइजेज, और कास्ट फोर्जिंग फाउंडरी, देवघर का एम पी पाइनिंग, रांची का एलिना एनर्जी और कंप्लीट इलेक्ट्रिकल सॉल्यूशन का संचालन शामिल है. बता दें कि इनके पति राजेश कुमार झा भी देश के प्रतिष्टित औद्योगिक घराना अदानी ग्रुप के सीईओ सह एमडी हैं. इनके पुत्र और एक पुत्री भी इंडस्ट्री फील्ड में स्वयं के प्रयास से किस्मत आजमाने में लगे हैं. उषा रानी बताती हैं कि वो स्टील उत्पाद में काम आनेवाली शॉट्स एंड गेट्स बनाती हैं, जिसका डिमांड स्टील उद्योगों में बहुतायत है. पहले यह उत्पाद विदशों से आयात होता था जिसमें अब करीब 50 फीसदी तक कमी आई है. इसके अलावा उषा रानी झा कई उद्यमी संगठन और सामाजिक संगठनों से भी जुड़ी है. ये लघु उद्योग भारती की सक्रिय सदस्य हैं, ये कहती हैं कि देश में यदि अनुकूल वातावरण बने तो महिलाएं उद्यम, बिजनेस जैसे फील्ड में सफलता के झंडे गाड़ सकती हैं,




