रांची : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में शराब घोटाले की जांच में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार निरोधक इकाई द्वारा की गई कार्रवाई को अब ईडी ने अपने केस रजिस्टर में शामिल कर लिया है। इस प्रकरण में पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था।

अब ईडी इन सभी से धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के अंतर्गत पूछताछ करेगा, जिसके लिए उसे न्यायालय की अनुमति प्राप्त करनी होगी। ईडी पहले से ही झारखंड और छत्तीसगढ़ में शराब नीति 2022 के जरिए हुए अनियमितताओं की जांच कर रहा है। सितंबर 2024 में रायपुर में भी इसी मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें कई अधिकारियों और व्यापारियों को नामजद किया गया था। इसके बाद अक्टूबर में 15 स्थानों पर छापेमारी भी की गई थी। इस घोटाले में फर्जी बैंक गारंटी के जरिए सरकार को 38.44 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। अब तक 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है और कई अफसरों को पूछताछ के लिए नोटिस भी भेजा गया है। ईडी की जांच से इस मामले में और खुलासे की उम्मीद है।





