रांची :अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोगियों और राष्ट्रीय जांच इकाइयों से मिली एक अत्यंत संवेदनशील सूचना के बाद झारखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। इस आकलन में संकेत दिया गया है कि जमशेदपुर में कई गुप्त नेटवर्क सक्रिय हो सकते हैं, जिसके चलते पुलिस नेतृत्व और विभिन्न सुरक्षा दलों ने निगरानी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, इस इनपुट में आजादनगर क्षेत्र से जुड़े एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र है, जो लंबे समय से एजेंसियों की पकड़ से बाहर है। पहले भी केंद्रीय स्तर की जांच टीमों और आतंक-रोधी दस्तों ने उसकी तलाश की थी। सुरक्षा अधिकारी एक पुराने मामले की कड़ियों को फिर से जोड़ रहे हैं, जिसमें राजधानी में पकड़े गए एक चरमपंथी के संपर्क पूर्वी भारत के कुछ राज्यों तक फैले पाए गए थे।

जमशेदपुर पश्चिम से निर्वाचित प्रतिनिधि सरयू राय ने इसे शहर की सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी बताया। उनका कहना है कि पहले भी यहां बाहरी आपराधिक तत्वों की मौजूदगी सामने आ चुकी है, इसलिए स्थानीय खुफिया ढांचे को और मजबूत करना जरूरी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान और व्यस्त रेल केंद्र होने के कारण शहर विशेष सावधानी की मांग करता है। इसी वजह से भीड़भाड़ वाले इलाकों में गुप्त निगरानी, प्रवेश मार्गों पर जांच और निजी सुरक्षा एजेंसियों से तालमेल बढ़ाया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने और अपुष्ट खबरें फैलाने से बचने की अपील की है।




