रांची : झारखंड के गृह सचिव और डीजीपी चतरा पहुंचे, जहां उन्होंने समाहरणालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा जिले में अफीम की खेती पर पूरी तरह से रोक लगाना था। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जिले को शत-प्रतिशत अफीम मुक्त करने के लिए अभियान चलाए जाएं और समन्वय स्थापित किया जाए। अफीम की खेती करने वालों की पहचान कर उनकी संपत्ति अटैच करने और तस्करी से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। गृह सचिव और डीजीपी ने अफीम तस्करी से जुड़े बड़े अपराधियों को पकड़ने और उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने को प्राथमिकता बताया। उन्होंने अफीम की खेती नष्ट करने और तस्करों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने का आह्वान किया।

बैठक में रांची, खूंटी, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, और कोडरमा जैसे आधा दर्जन जिलों के पुलिस अधीक्षक, डीएसपी, इंस्पेक्टर, और थानेदार मौजूद थे। डीसी रमेश घोलप और एसपी विकास पांडेय ने अधिकारियों का स्वागत किया। इस दौरान अफीम तस्करी के खिलाफ व्यापक रणनीति तैयार की गई, जिसमें स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।




