
चाईबासा: कोल्हान प्रमंडल की चाई बासा पश्चिम सिंहभूम जिले में बड़े पैमाने पर पदाधिकारीयो की मिलीभगत से उत्पाद विभाग में अवैध कारोबार की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने से पूरे कोल्हान प्रमंडल में चर्चा का विषय बना हुआ है । कहां जा रहा है कि उत्पाद विभाग के जिले के वरीय पदाधिकारीयो की जानकारी में यह गोरख धंधे चल रहे थे। जिले के वरीय पदाधिकारी अजय कुमार सिंह पर उंगलियां उठ रही है। कहां जा रहा है कि इनका कार्यकाल सरायकेला जिले में भी चर्चाओं में रहा है। अब सटे जिले चाईबासा में अपना स्थानांतरण कराकर एक बार फिर से कोल्हान नहीं पूरे राज्य में चर्चा के विषय के विषय बने हुए हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा शहर में सरकारी दुकानों में अवैध नकली शराब बेचने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पाताहातु में चार मिनी शराब फैक्ट्री का पता चला, जहां अवैध तरीके से नकली शराब बनाकर सरकारी शराब की दुकानों पर भेजी जा रही थी। इस पूरे कारोबार में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की मिलीभगत भी सामने आई है। पकड़े गए दो आरोपी चाईबासा शहर के यशोदा चौक स्थित सरकारी शराब की दुकान के कर्मचारी हैं। मिनी शराब फैक्ट्री में हर ब्रांड की खाली बोतलें, शराब बनाने का केमिकल, शराब के ब्रांड के स्टीकर और झारखंड सरकार की सील बरामद हुई है। यह गोरखधंधा कितने दिनों से चल रहा था, यह बताना मुश्किल है, लेकिन पिछले तीन महीनों से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता इस सिंडिकेट के भंडाफोड़ में लगे हुए थे। सोमवार दोपहर को पाताहातु पुल के पास मोटरसाइकिल से बोरे में अवैध नकली शराब लेकर जा रहे दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया। उन्हें उत्पाद विभाग के कार्यालय ले जाया गया। विभागीय कार्रवाई के दौरान पाताहातु में मिनी शराब फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली। भाजपा कार्यकर्ता और मुफस्सिल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ व जांच पड़ताल के बाद चार मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। एक मकान में एक फैक्ट्री और बाकी तीन फैक्ट्रियां थोड़ी दूरी पर स्थित दूसरे मकान में संचालित हो रही थीं। बरामद शराब को कब्जे में लेकर पुलिस की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
इस पूरे मामले पर उत्पाद अधीक्षक चाईबासा अजय कुमार सिंह ने बताया कि संसाधनों के अभाव में भी हम अच्छे करने के प्रयास कर रहे हैंl इस घटना की पूरी जानकारी राज्य मुख्यालय जिला प्रशासन को भेज दी गई है। वही जब पूछा गया कि आपके ऊपर मिली भगत से होने और संरक्षण में चलने की बातें कही जा रही है, तो उत्पाद अधीक्षक ने कहा की आरोप तो किसी के ऊपर भी लगाया जा सकता है। पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेज दी गई है। जिला प्रशासन भी जांच कर रही है। जांच में जो होगा सो होगा।
वही इस पूरे मामले पर राज्य के एक वरीय पदाधिकारी ने कहा की मामले को गंभीरता से लिए गया है। जांच की जा रही है। जांच में संलिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। देखना अब यह है कि जहां की कार्रवाई के क्या असर होते हैं। पदाधिकारी पर गाज गिरती है, या यूं हीं जांच चलती रहेगी। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।





