नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव हंस से जुड़े धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 23.72 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। ईडी का यह कदम बिहार पुलिस की विशेष सतर्कता इकाई (एसवीयू) द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। कुर्क की गई संपत्तियों में नागपुर (महाराष्ट्र) में तीन भूखंड, दिल्ली में एक फ्लैट और जयपुर (राजस्थान) में तीन फ्लैट शामिल हैं। ईडी के बयान के अनुसार, ये संपत्तियां संजीव हंस के ‘‘करीबी सहयोगियों’’ प्रवीण चौधरी और पुष्पराज बजाज के नाम पर पंजीकृत हैं, लेकिन इन्हें हंस द्वारा आपराधिक गतिविधियों से अर्जित आय का उपयोग कर खरीदा गया था। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया।

संजीव हंस, जो बिहार ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव रह चुके हैं, के खिलाफ धनशोधन का मामला एसवीयू द्वारा दर्ज एक मामले से संबंधित है। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ कि हंस और उनके सहयोगियों ने आपराधिक साधनों से बड़ी संपत्ति अर्जित की थी। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामलों पर सख्ती से निपटने की ईडी की कोशिशों का हिस्सा है। इस मामले में आगे की जांच जारी है, और ईडी अन्य संभावित संदिग्धों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।




