दिल्ली ( प्रतीक सिंह ) : हाल ही में पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को गंभीर मोड़ पर ला खड़ा किया है। इस हमले के बाद भारत सरकार ने स्पष्ट और निर्णायक रुख अपनाया है। केंद्र ने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिनिधि को देश से बाहर कर दिया है, अटारी बॉर्डर पर आवाजाही बंद कर दी गई है और सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति को वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराया।

भारत के कड़े फैसलों से पाकिस्तान की प्रतिक्रिया तीव्र रही। उसने भारत के साथ सभी वाणिज्यिक संबंध समाप्त करने की घोषणा की है और चेताया है कि जल संसाधनों पर रोक को वह संघर्ष की घोषणा मानेगा। साथ ही, विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्थिति की जानकारी दी है। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, चीन जैसे प्रमुख देशों के प्रतिनिधियों को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने हमले से जुड़ी जानकारी दी। इधर, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी जल्द ही जम्मू-कश्मीर जाकर मौजूदा सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा करेंगे। वहां वे सैन्य अधिकारियों से बातचीत कर आगे की रणनीति तय करेंगे। स्थिति पर केंद्र सरकार पैनी नजर बनाए हुए है।




