मुंबई : सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने हालिया ब्लॉग में पेशेवर जीवन से जुड़ी एक दिलचस्प भावना साझा की। उन्होंने बताया कि लंबे अनुभव और सफलता के बावजूद किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर उनके मन में आज भी असमंजस और दबाव बना रहता है। उन्होंने लिखा कि हाल ही में एक कार्य पूरा करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि उसमें और सुधार की गुंजाइश है।
इसी सोच के चलते उन्होंने संबंधित लोगों से अनुमति लेकर उस हिस्से को फिर से किया। हालांकि दोबारा प्रयास के बाद भी वे इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके कि नया संस्करण पहले की तुलना में अधिक प्रभावी है या नहीं। उनके अनुसार अंतिम निर्णय दर्शकों और देखने वालों की प्रतिक्रिया से ही सामने आएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि यही विचार लगातार उनके मन में चलता रहा। बेहतर परिणाम देने की चिंता और आत्ममंथन के कारण उन्हें पूरी रात आराम नहीं मिल सका।

वे देर तक उसी विषय पर सोचते रहे और देखते ही देखते सुबह हो गई। ब्लॉग के अंत में उन्होंने अपने प्रशंसकों के प्रति स्नेह व्यक्त किया। सुबह की शुरुआत करते हुए उन्होंने सभी शुभचिंतकों को शुभकामनाएं भेजीं और उनके निरंतर समर्थन के लिए आभार भी जताया। यह भाव उनके काम के प्रति समर्पण और उत्कृष्टता हासिल करने की निरंतर कोशिश को दर्शाता है।





