जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर स्थित और बिहार-झारखंड में अपनी एक अलग पहचान बना चुके अरका जैन विश्वविद्यालय में हर वर्ष की तरह इस बार भी नव नामांकित छात्र-छात्राओं के स्वागत में “आरंभ 2025” का आयोजन किया गया।एक्सएलआरआई परिसर स्थित टाटा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम के साथ ही विश्वविद्यालय में नए सत्र का श्रीगणेश हुआ।

नये सत्र का श्रीगणेश
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रतिकुलपति डॉ. अंगद तिवारी समेत अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर समारोह की शुरुआत की। अतिथियों के प्रेरणादायी मार्गदर्शन ने छात्र-छात्राओं को भविष्य की राह दिखाई। वहीं छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से समारोह को सतरंगी बना दिया।
समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संंबोधित करते हुए डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने माता-पिता के प्रति निःस्वार्थ भाव से समर्पण, उनके सपनों को पूरा करने और कॉलेज लाइफ में कुछ अच्छे दोस्त बनाने की सीख दी। साथ ही लक्ष्य निर्धारित कर दृढ़ निश्चय एवं सकारात्मक सोच के साथ उसे हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश की अर्थव्यवस्था 3.5 ट्रिलीयन है। विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वर्ष 2047 तक 45 ट्रिलीयन का लक्ष्य हासिल करना होगा। इसमें आज के सभी विद्यार्थियों की सहभागिता अनिवार्य है। इसलिए जरूरी है कि अरका जैन यूनिवर्सिटी में नव नामांकित आप सभी विद्यार्थी बड़े सपने देखें। बड़े लक्ष्य निर्धारित करे और पूरे परिश्रम व लगन के साथ आगे बढ़ते रहें, जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए। संभव है कि इसके लिए अपनी आदतों में भी बदला लाना पड़े।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि बड़े सपने व लक्ष्य निर्धारित करने के साथ उसे हर दिन सोचें और लिख कर रख लें। ऐसे सपने सोचें, जो उसे पूरा करने के लिए बेचैन कर दें। अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत ऐसीअन्य कंपनियां बड़ी सोच व सपने का ही परिणाम हैं। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि अबतक 12वींं कक्षा तक आपने जो भी हासिल किया है, वह आपके माता-पिता की उपलब्धि है। क्योंकि उन्होंने आपका पालन-पोषण कर यहां तक पहुंचाया है। अब जो भी आप हासिल करेंगे, वह आपकी उपलब्धि होगी। अपने संबोधन के क्रम में उन्होंने ग्लोबल सुपरस्टार ब्रुसली एवं अन्य हस्तियों का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने बड़े सपने देखे और अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ निश्चय की बदौलत जीरो से हीरो बनने तक का सफर तय किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नेपोलियन हिल की पुस्तक “थिंक एंड ग्रो रिच” पढ़ने की सलाह दी।
आत्मविश्वास सबसे बड़ा दोस्त : डॉ. अंगद तिवारी
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपतित डॉ. अंगद तिवारी ने अपने संबोधन के क्रम में डॉ. श्रीवास्तव के वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सफलता हो या जीवन का कोई भी क्षेत्र, आत्मविश्वास जरूरी है। आत्मिवश्वास के सहारे ही आगे बढ़ा जा सकता है। बड़े सपनों को पूरा करने के लिए यह बहुत ही जरूरी है। उन्होंने समारोह में उपस्थित अभिभावकों का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि बच्चे जिस क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें सहयोग करें। अपने बच्चों पर विश्वास करें। उनके सपनों को पूरा करने के लिए यथासंभव संसाधन उपलब्ध कराएं। बच्चे जरूर कामयाब होंगे।
विश्वविद्यालय के इस वार्षिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की मंचीय प्रस्तुतियों और तालियों से पूरा ऑडिटोरियम गूंजता रहा। समारोह के आरंभिक चरण में सीनियर छात्र-छात्राओं ने अतिथियों व नव नामांकित छात्र-छात्राओं के स्वागत में समूह नृत्य प्रस्तुत किया। अभिभावकों व नये विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गतिविधियों, उपलब्धियों आदि से भी अवगत कराया गया।
रैंप वाक और बैंड पर झूमा ऑडिटोरियम
इसके बाद छात्र-छात्राओं ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से इस कार्यकम इंद्रधनुषी छटा बिखेर दी। उदय एंड ग्रुप ने राधाकृष्ण समूह नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। अमन एंड ग्रप ने भी मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद रैंपवॉक और बैंड बैरागी की बैंड प्रस्तुति पर ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी विद्यार्थी व दर्शक झूम उठे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एसएस रजी, कुलपति प्रो. (डॉ.) ईश्वरन अय्यर के संदेश भी वीडियों के माध्यम से सुनाए गए। समारोह में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, सीनियर व नव नामांकित छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक, शहर के गणमान्य लोग एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे।




