जमशेदपुर : शहर के गम्हरिया स्थित अर्का जैन विश्वविद्यालय (एजेयू), जो झारखंड का प्रमुख निजी विश्वविद्यालय और नैक (NAAC) द्वारा ‘A’ ग्रेड से प्रमाणित है, ने अपने पहले ऑनलाइन शिक्षण और मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा (ODL) सत्र की शुरुआत ‘आरंभ 2025’ नामक विशेष अभिमुखीकरण एवं प्रेरण कार्यक्रम के माध्यम से की। यह पहल भारत में उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, लचीला और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ नई शिक्षा प्रणाली की ओर कदम कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो विश्वविद्यालय की ज्ञान, नवाचार और शिक्षा में रोशनी फैलाने की परंपरा का प्रतीक है। एजेयू का नया हाइब्रिड शिक्षण मॉडल ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) की पहुंच और ऑनलाइन लर्निंग की इंटरैक्टिव शक्तियों का संगम है, जो देशभर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा प्रदान करने में सक्षम है। शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाना है : प्रो. एसएस रजी समारोह की अध्यक्षता अर्का जैन विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एसएस रजी ने की। उन्होंने कहा, “एजेयू का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि हर वर्ग के छात्र-छात्राओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। हम शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाना चाहते हैं, ताकि यह सीमाओं में न बंधे।”
मुख्य अतिथि ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग की वैश्विक प्रासंगिकता से कराया अवगत मुख्य अतिथि मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी, इंदौर के प्रमुख व प्रोफेसर डॉ. कल्याण कुमार साहू ने ओपन और डिस्टेंस लर्निंग की वैश्विक स्तर पर बढ़ती उपयोगिता और इसके प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि तकनीक के माध्यम से भौगोलिक बाधाओं को पार कर किस तरह से शिक्षा को व्यापक बनाया जा सकता है। ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा केंद्र का विधिवत उद्घाटन कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण AJU के दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा केंद्र का औपचारिक व विधिवत उद्घाटन रहा। इस केंद्र के निदेशक डॉ. अरविंद कुमार पांडे ने कहा, “हमारा केंद्र विद्यार्थियों को कौशल-आधारित, लचीली और डिजिटल रूप से सशक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है-सीखना और ज्ञानवर्धन कभी न रुके।”छात्रों को पाठ्यक्रम से जोड़ा गया, इंटरैक्टिव सत्र से बढ़ा उत्साह अभिषेक उपाध्याय ने छात्रों को पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात, एक वीडियो प्रस्तुति और विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से छात्रों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का समन्वयन एमबीए विभाग की प्रमुख डॉ. उर्वशी ठाकुर ने किया।

शिक्षा और देशसेवा का संकल्प
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने उपस्थित सभी प्रतिभागियों के मन में शिक्षा के माध्यम से देशसेवा के जज़्बे को और प्रबल किया।
‘आरंभ 2025’ केवल एक शुरुआत नहीं, बल्कि AJU की दूरदर्शिता और डिजिटल शिक्षा में नेतृत्व की ओर एक ठोस कदम है।
शिक्षा का एक नया युग
अर्का जैन विश्वविद्यालय का यह कदम, ना केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में उच्च शिक्षा के स्वरूप को नया आकार देने वाला साबित हो सकता है।
तकनीक, समावेशिता और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधनों के संगम से यह पहल भविष्य की शिक्षा प्रणाली का आदर्श मॉडल बन सकती है।




