
जमशेदपुर : एल. बी.एस.एम. महाविधालय के वर्चुअल रूम में रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर मिडटाउन और आई. क्यू. ए. सी. के संयुक्त तत्वावधान में एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय था “जेंडर इक्वालिटी एंड डायवर्सिटी “। सर्वप्रथम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार झा , मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजेंद्र भारती विशिष्ट अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी डॉ. बी. के. सिंह , मुख्य वक्ता ए जी रोटेरियन अंजनी निधि सह मुख्य वक्ता अमरजीत शेर गिल, घाटशीला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी, श्रीमती नूतन झा, रोटेरियन दर्शनसिंह चौहान और रोटेरियन श्री ज्योति कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत किया। इस दौरान प्राचार्य ने सभी मंचासिन अतिथियों को अंगवस्त्र, मोमेंटो और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया।
प्राचार्य ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास का स्थाई भविष्य उसके लैंगिक समानता से तय होता है। लैंगिक समानता राष्ट्र के विकास को गति प्रदान करता है।सामाजिक ढांचे में जेंडर या लैंगिक पहचान एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस पहचान को सामाजिक मान्यताओं ने दिनों- दिन पुख्ता किया और समाज जेंडर को स्त्री-पुरुष की ‘बाइनरी’ में ही देखने व समझने का अभ्यस्त हो गया। इस अभ्यास के कारण ही समाज में थर्ड जेंडर को लेकर जो धारणा बनी वह उनकी पहचान पर भी संकट पैदा करने वाली थी, क्योंकि वह प्रचलित बाइनरी से बाहर थे। इस पहचान को लेकर थर्ड जेंडर समुदाय लम्बे समय से संघर्ष करता रहा और उन्हें संवैधानिक मान्यता 2019 को मिली।मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजेंद्र भारती ने कहा कि लैंगिक समानता एक समतामूलक समाज को कायम करने की कोशिश करता है। इससे लिंग भेदभाव की भावना को रोकने में सहायता में मदद मिलती है। इस संगोष्ठी के द्वारा लैंगिक भेदभाव को रोकने के साथ समाज में ट्रांस जेंडर को आगे करते हुए उनकी भूमिका को बढावा देने की बात कही।मुख्य वक्ता ए जी रोटेरियन अंजनी निधि ने लैंगिक समानता पर कहा कि समाज में न केवल महिलाओं के उत्थान की बल्कि ट्रांसजेंडर के उत्थान की भी बात होनी चाहिए। आज ये ट्रांसजेंडर समाजिक कुरीतियों से बाहर निकलकर एक मुकाम पर पहुंचना चाहते हैं। सामाजिक विकास की प्रतियोगिता में ये भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहते हैं।
वहीं कार्यक्रम के दौरान डा सन्तोष कुमार द्वारा स्वलिखित पुस्तक अंडरस्टैंडिंग इंडिया (भारत को समझना) जो की एन ई पी, सेम 1 के आर्ट, साइंस, कामर्स, बीबीए,आदि सभी प्रकार के विध्यार्थीयों के लिये वी ए सी-1 के लिये लिखी है, का विमोचन रजिस्ट्रार महोदय द्वारा किया गया। साथ ही डा सन्तोष ने इस पुस्तक की विशेषताओं को प्रस्तुत किया। ज्ञातव्य हो की डा सन्तोष कुमार की यह 15वीं और नई शिक्षा नीति (एन ई पी) के अन्तर्गत लिखी गई 6ठी पुस्तक है। एन ई पी के अन्तर्गत इन्होंने सेम 1 के लिये भू-आकृति विज्ञान (मेजर -1), आपदा प्रबंधन (माइनर-1), भूगोल: एक परिचय (एम डी सी -1), पर्यावरणीय मद्दे (वी ए सी-1); तथा सेम-2 के लिये वायुमंडल व जलवायु विज्ञान (मेजर-2) की पुस्तकें लिख चुके हैं। तथा साथ ही एल बी एस एम कॉलेज मे दर्शनशास्त्र के शिक्षक डा दीपांजय श्री वास्तव ने आइडियल रिसर्च रिव्यू नामक जनरल (आई एस एस एन 0973-0583) का विमोचन रजिस्ट्रार महोदय के हाथों करवाया। आई. क्यू. ए. सी. कॉर्डिनेटर डॉ. मौसूमि पॉल ने मंच संचालन किया वहीं रोटेरियन दर्शनसिंह चौहान ने धन्यवाद ज्ञापन किया।इस मौके पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. डी.के.मित्रा, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. विनय कुमार गुप्ता, डॉ. दीपंजय श्रीवास्तव, प्रो . पुरषोत्तम प्रसाद, प्रो . विजय प्रकाश, प्रो. संतोष राम, डॉ.रितु, डॉ. जया कक्षप, डॉ. सुष्मिता धारा, डॉ. नुपूर, डॉ . सन्तोष, डॉ. प्रशान्त, डॉ. सुधीर कुमार,डॉ. रानी , प्रो. बाबूराम सोरेन, प्रो. शिप्रा बोईपाई, सुश्री लुसी रानी मिश्रा, प्रो. अनिमेष बख्शी तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी श्री विनय कुमार व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।




