Saraikela (संजीव मेहता) : सरायकेला समाहरणालय सभागार में आज उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, चावल दिवस, सोना–सोबरन धोती–साड़ी योजना, ई-केवाईसी, डीलर टैगिंग/री-टैगिंग, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, नमक वितरण, धान अधिप्राप्ति एवं भुगतान सहित अन्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई.
उप विकास आयुक्त ने कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को कार्य में गुणवत्ता, जवाबदेही एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. जून माह में खाद्यान्न वितरण की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (MO) को खाद्यान्न उठाव एवं वितरण की नियमित निगरानी करने तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को प्रखंड स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित कर समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए. उन्होंने एमओ एवं बीएसओ को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए प्रत्येक पात्र लाभुक को निर्धारित समय पर उचित मात्रा में चावल, चना दाल, नमक एवं चीनी का वितरण सुनिश्चित करने को कहा.

बैठक के दौरान ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने, ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग पूर्ण करने तथा तकनीकी बाधाओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए. उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि अयोग्य अथवा अपात्र राशन कार्डधारियों की पहचान करते हुए उनके भूमि स्वामित्व (Land Holding), आयकर, जीएसटी पंजीकरण, वाहन स्वामित्व एवं अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर सत्यापन किया जाए तथा नियमानुसार पात्रता नहीं पाए जाने पर उनका नाम राशन कार्ड से विलोपित किया जाए. साथ ही लंबे समय से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले लाभुकों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जन वितरण प्रणाली की दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण एवं सत्यापन करने के निर्देश दिए गए.
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र लाभुक को उचित दर पर निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का वितरण समय पर एवं पारदर्शी तरीके से हो. वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जन वितरण प्रणाली विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए. साथ ही खाद्यान्न उठाव एवं वितरण से संबंधित प्राप्त शिकायतों तथा पीजीएमएस एवं अग्रस पोर्टल पर दर्ज मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. बैठक में नमक सहित सभी आवश्यक खाद्यान्न सामग्रियों की शत-प्रतिशत डोर-स्टेप डिलीवरी (DSD), गोदामों में खाद्यान्न का सुरक्षित एवं मानक अनुरूप भंडारण, लंबित वितरण कार्यों के शीघ्र निष्पादन तथा निर्माणाधीन गोदाम एवं बरामदा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. गुणवत्ता परीक्षण हेतु जिला स्तरीय समिति से नियमित जांच कराने को भी कहा गया. बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक, विभिन्न कार्य एजेंसियों के कनीय अभियंता, राइस मिलर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.






