रांची: सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के जिले की कमान संभालने के बाद से ही पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। हाल ही में आयोजित क्राइम मीटिंग में जिले की शीर्ष अधिकारी ने जिस सख्त अंदाज में अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए, उससे कई पदाधिकारी के पसीने छूटने लगे, और कई के पैरों तले जमीन भी दरकने लगे ,जिसकी चर्चा पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों के बीच भी हो रही है। बैठक में साफ शब्दों में कहा गया कि अब लापरवाही, ढिलाई और मनमानी नहीं चलेगी। “सुधर जाइए, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहिए” का संदेश पूरे विभागीय बैठक में गूंजता रहा।
बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति, लंबित मामलों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण, अवैध कारोबार पर रोक तथा जनता के साथ पुलिस के व्यवहार की समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि थाना स्तर पर कार्य संस्कृति में सुधार लाया जाए और जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। अवैध खनन, नशे के कारोबार, जुए और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया।
सूत्रों की मानें तो बैठक का माहौल काफी गंभीर था। कई अधिकारियों के चेहरे पर तनाव साफ देखा गया। लंबे समय से एक ही ढर्रे पर काम करने वाले कुछ अधिकारियों को यह संदेश समझ में आ गया कि अब जवाबदेही तय होगी और प्रदर्शन के आधार पर ही मूल्यांकन किया जाएगा। यही कारण है कि बैठक के बाद कई थानों और पुलिस कार्यालयों में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि जिले में अनुशासन, पारदर्शिता और बेहतर पुलिसिंग स्थापित करने के लिए यह सख्ती आवश्यक थी। जनता भी उम्मीद कर रही है कि यदि इन निर्देशों का पालन ईमानदारी से हुआ तो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास का रिश्ता भी मजबूत होगा। फिलहाल संदेश साफ है—कार्यशैली बदलिए, जिम्मेदारी निभाइए, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहिए।






