जमशेदपुर : मानवाधिकार, नागरिक अधिकार एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में कार्य करने के उद्देश्य से नवगठित संस्था झारखण्ड सिविल राइट्स एसोसिएशन (जेसीआरए ) ने जमशेदपुर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बताते हुए इसे व्यापक जन-आंदोलन का मुद्दा बनाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी संस्था के मुख्य संयोजक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता मनोज मिश्रा ने काशीडीह स्थित संगठन की एक विशेष बैठक में दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है, जिसमें स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा भी शामिल है।
लेकिन वर्तमान समय में जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में बढ़ता वायु प्रदूषण नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। बैठक में बताया गया कि विभिन्न वायु गुणवत्ता निगरानी रिपोर्टों के अनुसार शहर में PM 2.5 एवं PM 10 कणों का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। PM 2.5 के अत्यंत सूक्ष्म कण फेफड़ों के साथ-साथ रक्त प्रवाह तक पहुंचकर दमा, श्वसन संबंधी रोग, हृदय रोग तथा अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। वहीं PM 10 के कण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। हाल के वायु गुणवत्ता आंकड़ों में जमशेदपुर का AQI संवेदनशील वर्गों के लिए अस्वस्थ श्रेणी में दर्ज किया गया है।

मनोज मिश्रा ने कहा कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक मानवाधिकार है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से मांग की कि प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान कर उनके नियंत्रण के लिए ठोस एवं प्रभावी उपाय किए जाएं। औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा नागरिकों को वायु गुणवत्ता संबंधी सूचनाएं पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक वायु प्रदूषण मापक यंत्र (एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन) स्थापित किए जाने की मांग भी की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जागरूक नागरिकों को जोड़कर वायु प्रदूषण, नागरिक अधिकार, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तथा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जन-जागरण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। संस्था ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में इस विषय पर हस्ताक्षर अभियान, जनसंवाद, जागरूकता रैली एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में डॉ. शीतल पाण्डेय, रिया बनर्जी, हरदीप सिद्धू, बिनोद शर्मा, सतीश गुप्ता, ऋषि गुप्ता, विश्वजीत सिंह, कमल रवि दास, राजेन्द्र दास, अधिवक्ता हरबिलास दास, श्याम लाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित थे।





